नगर का प्रसिद्ध पानी टंकी मैदान आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कभी सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों से गूंजने वाला यह मैदान आज कीचड़, गंदगी और दुर्गंध से सराबोर है। कुछ ही दिनों पहले यहां नवरात्र के अवसर पर नौ दिनों तक भव्य पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशाल रावण दहन का आयोजन हुआ था, जिसमें नगर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल हुए थे। लेकिन अब वही मैदान उपेक्षा की मार झेल रहा है।
नगर के मध्य स्थित यह मैदान सिर्फ एक खुला प्रांगण नहीं, बल्कि आसपास की कई शैक्षणिक संस्थाओं — बालक प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र और ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल — के बच्चों के लिए खेलकूद का मुख्य स्थल भी है। सैकड़ों बच्चे प्रतिदिन यहां खेलते हैं, पर गंदगी और कीचड़ के बीच उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों खतरे में हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि इसी मैदान के समीप वार्ड पार्षद टिंकू सिंह का निवास भी है, जिन्हें जनता ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनकर अपना प्रतिनिधि बनाया था, बाद में वे भाजपा से जुड़ गए। सवाल यह उठता है कि जब पार्षद अपने ही घर के सामने स्थित मैदान की साफ-सफाई का ध्यान नहीं रख पा रहे, तो पूरे वार्ड की व्यवस्था से क्या उम्मीद की जा सकती है?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और नगर परिषद दोनों की उदासीनता के चलते मैदान का हाल दिन-ब-दिन खराब होता जा रहा है। यही मैदान नगरवासियों के पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी उपयोग में लाया जाता है, लेकिन अब यह स्थल गंदगी का पर्याय बन चुका है।
जनता का साफ कहना है कि नगर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की यह लापरवाही शर्मनाक है। एक ओर स्वच्छता अभियान की बातें होती हैं, वहीं दूसरी ओर नगर के बीचोंबीच स्थित यह मैदान प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोलता नजर आ रहा है।
अब सवाल यह है — क्या स्थानीय प्रशासन और पार्षद अपनी जिम्मेदारी का एहसास करेंगे, या यह मैदान यूं ही गंदगी के अंधेरे में डूबा रहेगा?
Social Plugin